– जनता ने रुकवाया मंडी रोड निर्माण, मौके पर खुली मानकों की पोल
फर्रुखाबाद। शहर की सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम सड़कों में शामिल मंडी रोड पर चल रहे लगभग 10 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य ने अब बड़े विवाद का रूप ले लिया है। सेंट्रल जेल चौराहे से आईटीआई चौराहे तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया। मामला इतना बढ़ा कि लोगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और देर रात अधिकारियों को मौके पर बुलाना पड़ा।
आरोप है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में गुणवत्ता को ताक पर रखकर सड़क बनाई जा रही थी। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि कई दिनों से चल रहे निर्माण कार्य में शुरुआत से ही मानकों की अनदेखी दिखाई दे रही थी। शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद जनता को खुद मैदान में उतरना पड़ा।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सड़क की मोटाई और निर्माण सामग्री को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए। स्थानीय लोगों द्वारा मौके पर की गई जांच में दावा किया गया कि जहां सीसी सड़क की मोटाई लगभग 25 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, वहां कई स्थानों पर यह 10 से 15 सेंटीमीटर ही मिली।
यही नहीं, सड़क के नीचे डाले जाने वाले बेस कोर्स की मोटाई भी निर्धारित मानकों से काफी कम बताई गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरी सड़क की कुल मोटाई जहां 55 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, वहां कई स्थानों पर यह 30 सेंटीमीटर के आसपास ही मिली। इससे करोड़ों रुपये की परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
आरोपों के अनुसार निर्माण कार्य में प्लांट से तैयार कंक्रीट लाने के बजाय मौके पर ही मिक्सर मशीन से सामग्री तैयार की जा रही थी। इतना ही नहीं, कंक्रीट को मजबूती देने के लिए आवश्यक वाइब्रेटर का भी उपयोग नहीं किया जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह आरोप सही हैं तो सड़क की उम्र और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
स्थिति बिगड़ती देख देर रात पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता और जूनियर अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क की जांच कराई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई स्थानों पर निर्माण की मोटाई मानक से कम पाए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद ठेकेदार और विभाग दोनों की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई।
भईयन मिश्रा ने कहा कि मंडी रोड जिले की आर्थिक धुरी है। मंडी सीजन में हजारों ट्रक और भारी वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में घटिया निर्माण न केवल सरकारी धन की बर्बादी है बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और मानकविहीन निर्माण को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने की मांग की।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश पाठक, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष पंकज मिश्रा, सभासद महेश अग्निहोत्री, अतुल शंकर दुबे और विश्वनाथ राजपूत सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि 10 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क मानकों के अनुरूप नहीं बन रही है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।


