फर्रुखाबाद। भीषण गर्मी से झुलस रहे लोगों को बारिश ने भले ही राहत दी हो, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी। पहली ही बरसात ने नगर पालिका के दावों की हकीकत उजागर कर दी। शहर के मोहल्लों में जलभराव की समस्या ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया, जिससे आम जनमानस को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह हुई तेज बारिश के बाद जहां मौसम सुहावना हुआ, वहीं दूसरी ओर गलियों और सड़कों पर पानी भर गया। हालात ऐसे हो गए कि कई इलाकों में लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया। यह स्थिति साफ तौर पर नगर पालिका की लापरवाही और अधूरी तैयारियों की पोल खोलती नजर आई।
नगर में सफाई व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। नालियों की सफाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। कूड़ा तो निकलवाया जाता है, लेकिन सिल्ट को नाली के किनारे ही छोड़ दिया जाता है। नतीजतन, बारिश होते ही वही सिल्ट दोबारा नालियों में पहुंच जाती है और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती है।
हर साल बरसात के साथ शहरवासियों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ती है, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अगर समय रहते नगर पालिका ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
बरसात ने दी राहत, लेकिन फिर उभरा जल भराव का दर्द


