38 C
Lucknow
Monday, April 27, 2026

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट में पेश नहीं होंगे अरविंद केजरीवाल

Must read

न्याय मिलने की उम्मीद खत्म होने का दावा

नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने एक अहम कदम उठाते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि अब वह उनकी अदालत में न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही अपने वकील के माध्यम से पेश होंगे। केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें इस अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद अब समाप्त हो चुकी है, इसलिए उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया है।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि यह फैसला उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है और साथ ही यह भी कहा कि वह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के किसी भी निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रखेंगे।
यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही केजरीवाल की जज बदलने की मांग को खारिज कर दिया था। दरअसल, केजरीवाल ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिल सकती, इसलिए मामले को दूसरी पीठ में स्थानांतरित किया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
अपने बयान में केजरीवाल ने यह भी कहा कि उन्हें एक झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया और एक चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस विचारधारा से वह और उनकी पार्टी असहमत हैं, उसी से जुड़े मंचों पर जज के जाने के कारण उनके मन में निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए।
वहीं, इस पूरे विवाद पर वीरेंद्र सचदेवा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायपालिका पर इस तरह के आरोप लगाना लोकतंत्र के खिलाफ है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत को विवाद का मंच बनाना उचित नहीं है।
फिलहाल इस घटनाक्रम ने राजनीतिक और न्यायिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article