33 C
Lucknow
Friday, April 17, 2026

फर्रुखाबाद में अब ‘सिस्टम का सॉफ्ट कॉर्नर’!

Must read

– अनुपम दुबे परिवार पर प्रशासन मेहरबान या दबाव में?
– सवालों के घेरे में कार्रवाई
फर्रुखाबाद। जनपद में एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है चर्चित माफिया कनेक्शन वाला अनुपम दुबे परिवार, जिस पर स्थानीय प्रशासन के “सॉफ्ट कॉर्नर” के गंभीर आरोप लग रहे हैं। कानून व्यवस्था और “जीरो टॉलरेंस” की नीति के दावों के बीच यह मामला प्रशासन की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के अनुसार, जहां एक ओर छोटे मामलों में त्वरित कार्रवाई और बुलडोजर तक चलाए जा रहे हैं, वहीं अनुपम दुबे परिवार से जुड़े मामलों में अब बदलते परिदृश्य में कार्रवाई की रफ्तार संदिग्ध रूप से धीमी नजर आ रही है। कई शिकायतों और विवादित जमीनों के मामलों में अब तक ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इस परिवार से जुड़े भूमि विवाद, कब्जे और आर्थिक गतिविधियों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई अधूरी या ठंडी पड़ जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक दबाव के चलते फाइलें आगे नहीं बढ़ पातीं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन मामलों में सामान्य नागरिकों पर तुरंत एफआईआर और गिरफ्तारी हो जाती है, वहीं इस परिवार से जुड़े मामलों में
नोटिस जारी होने के बाद भी कार्रवाई लंबित
जांच लंबी खींची जा रही
राजस्व और पुलिस विभाग के बीच समन्वय का अभाव
जैसे हालात सामने आ रहे हैं।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कई बार कार्रवाई की कोशिश हुई, लेकिन ऊपरी दबाव या स्थानीय स्तर पर “मैनेजमेंट” के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कोई भी अधिकारी इस पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
प्रदेश सरकार की “माफिया के खिलाफ सख्त नीति” के बावजूद यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि
क्या कानून सबके लिए बराबर है या फिर कुछ नामों के लिए नियम बदल जाते हैं?
फर्रुखाबाद में लगातार उठ रहे इन सवालों ने प्रशासन की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिया है। यदि आरोपों में सच्चाई है, तो यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता का संकट है।अब नजर इस बात पर है कि
क्या प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगा या फिर “सॉफ्ट कॉर्नर” की चर्चा यूं ही हकीकत बनती रहेगी?

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article