अधिकारियों को दो टूक निर्देश—शिकायतों की जांच मौके पर जाकर करें, महज कागजी निस्तारण नहीं चलेगा
अमृतपुर
तहसील समाधान दिवस में शनिवार को फरियादियों की भीड़ उमड़ी। तहसील सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 78 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें पांच का मौके पर ही समाधान कराया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच करें और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का समाधान तत्काल संभव है, उनका मौके पर ही निस्तारण कराया जाए। वहीं जिन मामलों में जांच या समय की आवश्यकता है, उनमें निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी कर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। कुल 33 राजस्व शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 12, विकास विभाग की 10, विद्युत विभाग की चार, खाद्य एवं रसद विभाग की पांच तथा अन्य विभागों से संबंधित 14 शिकायतें आईं। कुल 78 शिकायतों में पांच का मौके पर निस्तारण किया गया।
भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण और कब्जे समेत अन्य राजस्व मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विवादों में मौके की स्थिति की जांच कर निष्पक्ष एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डीएम ने कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय, एसडीएम अमृतपुर श्वेता साहू, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश कुमार द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, तहसीलदार अमृतपुर शशांक सिंह, अविनाश चंद्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


