लखनऊ, 19 सितंबर। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 19वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ किया गया। गीत, भजन, विरह और निर्गुण गायन की प्रस्तुतियों ने समारोह को भक्तिमय बना दिया। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल तथा कुलपति आचार्य संजय सिंह ने स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।
डॉ. प्रशांत पांडेय ने ‘कृपा करो श्री राम’ की प्रस्तुति देकर भक्ति भाव जगाया। इशिता और अंकिता ने ‘ओ पालन हारे’ प्रस्तुत किया। अरविंद कुमार गुप्ता ने ‘चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौन सा देश’ निर्गुण तथा ‘मोरा सुना सिंगरवा’ विरह गीत प्रस्तुत किया। गायन प्रस्तुतियों के दौरान डॉ. सूर्य मोहन ने तबले पर संगत की। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिकी समन्वयक डॉ. कौशिकी सिंह ने किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह ने कहा कि दिव्यांगता के क्षेत्र में सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाने के लिए सभी को संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, तकनीक और पुनर्वास के क्षेत्र में लगातार प्रयास कर रहा है।
कुलसचिव रोहित सिंह ने कहा कि 155 विद्यार्थियों से शुरू हुई विश्वविद्यालय की यात्रा अब 5500 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी है। इसमें विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों की मेहनत और संघर्ष शामिल है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में 10 संकाय और 35 विभाग हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जिस उद्देश्य से स्थापित हुआ था, उसी दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
कुलानुशासक प्रो. आशुतोष पांडेय और प्रो. संजीव गुप्ता ने भी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी श्रीनिवास त्रिपाठी, प्रो. यशवंत वीरोदय, डॉ. आद्या शक्ति राय, डॉ. शिवानी कटारा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 19वां स्थापना दिवस संपन्न


