फर्रुखाबाद। अमेठी जदीद स्थित प्राथमिक पाठशाला एवं जूनियर हाईस्कूल की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है। मामले को गंभीर मानते हुए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने उपजिलाधिकारी सदर को पत्र भेजकर सरकारी स्कूल की भूमि की पैमाइश कराने और कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।
पूरा मामला डॉ. भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय सेवा समिति के अध्यक्ष रामपाल सिंह जाटव द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद सामने आया। शिकायत में कहा गया है कि ग्राम अमेठी जदीद, तहसील सदर स्थित प्राथमिक पाठशाला और जूनियर हाईस्कूल के लिए वर्ष 1956 में जमीन दान की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार गाटा संख्या 354 स्थित भूमि राजस्व अभिलेखों में आबादी एवं नवीन परती के रूप में दर्ज है और उसी भूमि पर स्कूल संचालित है।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में पिछले 10 वर्षों से तैनात प्रधानाध्यापक मनोज मिश्रा की मिलीभगत से कुछ लोगों ने सरकारी स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। शिकायत में जावेद, रईस, हसीन पुत्रगण हबीब खां सहित अन्य लोगों के नाम भी उल्लेखित किए गए हैं। आरोप है कि इन लोगों द्वारा कब्जे के चलते शिक्षण कार्य और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कथित भूमाफिया किस्म के लोग सरकारी और अन्य लोगों की जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेचने का काम करते हैं। मामले में स्कूल की भूमि की तत्काल पैमाइश कराकर अवैध कब्जा हटवाने की मांग की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए कार्यालय से जारी पत्र में एसडीएम सदर से आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को भी भेजी गई है।
अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि स्कूल की भूमि पर वास्तव में अवैध कब्जा हुआ है या नहीं। लेकिन सरकारी स्कूल की जमीन पर कब्जे के आरोपों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


