फर्रुखाबाद।
कोतवाली क्षेत्र स्थित बजरिया मोहल्ले में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगने के बाद महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मेडिकल स्टोर पर जमकर हंगामा किया और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र के ग्राम नियामतपुर खेड़ा निवासी 40 वर्षीय गीता पत्नी कौशिकेंद्र पाल खांसी-जुकाम की दवा लेने के लिए बजरिया स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंची थीं। आरोप है कि वहां मौजूद मेडिकल स्टोर संचालक के भाई, जो स्वयं को बीएएमएस चिकित्सक बता रहे थे, ने बिना किसी पुख्ता चिकित्सकीय जांच के महिला को इंजेक्शन लगा दिया।
परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगते ही गीता की हालत अचानक बिगड़ गई। वह कुछ ही मिनटों में बेहोश हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और मेडिकल स्टोर के खिलाफ आक्रोश जताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही डायल 112, थाना मऊ दरवाजा पुलिस, कोतवाली पुलिस तथा महिला पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर मालिक, कंपाउंडर सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गीता अपने पीछे चार बच्चों—अर्जुन (21), काजल (15), रिशु (13) और करण (11)—को छोड़ गई हैं। उनके पति खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों और परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मेडिकल स्टोर पर इस तरह बिना डॉक्टर की उचित सलाह के इंजेक्शन लगाना गंभीर लापरवाही है, जिस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मेडिकल स्टोर के लाइसेंस और वहां दी जा रही सेवाओं की जांच कर सकती है।


