29 C
Lucknow
Saturday, September 12, 2026

अलकायदा से जुड़ा आतंकी आजमगढ़ से गिरफ्तार, यूपी एटीएस ने नाकाम की बड़ी साजिश

Must read

 

योगी सरकार में आतंक के खिलाफ शिकंजा और कसा, एक्यूआईएस से जुड़े नेटवर्क हुआ खुलासा

जम्मू-कश्मीर समेत देश-विदेश को लोगों को अपने साथ जोड़ा, पाकिस्तान में ट्रेनिंग की कर रहा था तैयारी

लोगों से साझा कर रहा था आतंकी विचारधारा से जुड़ी सामग्री और बम बनाने का तरीका

आतंकियों की दो किताबों को पढ़ने के लिए कर रहा था प्रेरित, युवाओं को बनाया निशाना

लखनऊ, 12 सितंबर। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आतंकवाद और कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ लगातार कड़ा शिकंजा कस रहा है। इसी अभियान में यूपी एटीएस ने आजमगढ़ से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार कर एक्यूआईएस (अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट) से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। नबील सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स के जरिए जम्मू कश्मीर समेत देश व विदेश के विभिन्न हिस्सों से युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने, उन्हें जेहाद के लिए तैयार करने और धन जुटाने कोशिश कर रहा था। वह पाकिस्तान की मदद से देश में हिंसक गतिविधियों और गजवा-ए-हिंद की साजिश भी रच रहा था।

एक्यूआईएस की विचारधारा फैलाकर युवाओं को जोड़ा
यूपी एटीएस के मुताबिक, आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र में रहने वाला मोहम्मद नबील प्रतिबंधित आतंकी संगठन एक्यूआईएस की विचारधारा को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित और प्रसारित कर रहा था। वह युवाओं को आतंकी समूह से जोड़ने, उन्हें जेहाद के लिए तैयार करने और इसके लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था।

नबील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए गए कई एन्क्रिप्टेड ग्रुप के जरिए भारत के साथ-साथ दूसरे देशों के लोगों को भी जोड़ रहा था। इन ऑनलाइन ग्रुप के माध्यम से आतंकी विचारधारा से संबंधित सामग्री साझा किए जाने की बात की भी जांच में पुष्टि हुई है।

‘ला गालिब-इलल्लाह’ नाम से व्हाट्सएप ग्रुप
नबील के मोबाइल की जांच में ‘ला गालिब-इलल्लाह’ नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला। जांच में यह भी सामने आया कि नबील जेहाद, चाकू, केमिकल और प्लान जैसे शब्दों के लिए ट्रिप, पेन, जूस और प्रोजेक्ट जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल कर साजिश रच रहा था। एटीएस इन कोडवर्ड और ग्रुप में हुई बातचीत के आधार पर नेटवर्क की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।

‘जेहाद करने के 44 तरीके’ समेत अन्य किताबों का जिक्र
एटीएस की जांच में कई किताबों का भी जिक्र सामने आया है। इनमें ‘जेहाद करने के 44 तरीके’ नाम की किताब शामिल है, जिसे अलकायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी ने लिखा है। इसके अलावा एक्यूआईएस के पूर्व प्रमुख और आतंकी मौलाना आसिम उमर की लिखी ‘तीसरी जंग-ए-अजीम और दज्जाल’ किताब का भी जिक्र सामने आया है। एटीएस के मुताबिक, नबील ने ग्रुप में इन किताबों को प्रसारित किया और सदस्यों से इन्हें पढ़ने की अपील भी की।

जम्मू-कश्मीर के लोगों को जोड़कर गजवा-ए-हिंद की तैयारी
नबील जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य हिस्सों से लोगों को अपने साथ जोड़ रहा था। उसका मकसद इन लोगों के जरिए पाकिस्तान की मदद से देश में बड़ी हिंसक घटना को अंजाम देने की दिशा में आगे बढ़ना था। जांच के मुताबिक, नबील पाकिस्तान की मदद से भारत में गजवा-ए-हिंद की योजना पर भी काम कर रहा था।

‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ ग्रुप में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग
नबील ‘फ्लेम्स ऑफ वॉर’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप से भी जुड़ा था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस ग्रुप में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी जुड़े हुए थे। एटीएस का कहना है कि इस ग्रुप में आतंकी संगठन अलकायदा की विचारधारा से संबंधित सामग्री लगातार साझा की जा रही थी।

पाकिस्तान में ट्रेनिंग कराने की थी योजना
जांच में नबील की कथित गतिविधियों का एक और गंभीर पहलू सामने आया है। वह कई ऑनलाइन ग्रुप में शामिल होकर लोगों को पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर अपने मकसद को पूरा करने के लिए प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर रहा था।

नबील पाकिस्तान समेत अन्य स्थानों पर लोगों को बम बनाने की ट्रेनिंग दिलाने की योजना बना रहा था। उसने ग्रुप में बम बनाने के तरीकों से संबंधित वीडियो भी साझा किए थे। इसके साथ ही पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने के तरीकों से संबंधित जानकारी साझा किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article