लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने गाजीपुर, हाथरस और हरदोई की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में पीड़ित परिवारों को अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथरस कांड में पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार तक नहीं करने दिया गया, जो सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के खिलाफ है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि विपक्ष के प्रतिनिधिमंडलों को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका जा रहा है और उन्हें निशाना बनाकर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। मेरठ, बिजनौर और हरदोई की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग समाजों की बेटियों के साथ अपराध हो रहे हैं, लेकिन सरकार निष्क्रिय बनी हुई है।
उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और जमीन कब्जाने के आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी लखनऊ में विकास योजनाओं से पहले ही जमीनों पर कब्जा कर लिया जाता है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद यातायात व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
बिजली व्यवस्था और स्मार्ट मीटर को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार जनता से अतिरिक्त वसूली कर रही है, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर है और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद की व्यवस्था कमजोर है, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि वहां ममता बनर्जी की जीत तय है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए समाजवादियों को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।


