लखनऊ: अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी के मामले ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज न होने पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को तीखा तंज कसते हुए कहा कि “कहीं जांच रिपोर्ट ही चोरी न हो जाए।”
अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यम पर लिखा कि जांच टीम बार-बार समय मांग रही है। इससे आशंका पैदा होती है कि कहीं साक्ष्यों को नष्ट करने या मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपये के चढ़ावे और बहुमूल्य आभूषणों की कथित गड़बड़ी की बात सामने आई है, तब भी अब तक मुकदमा क्यों दर्ज नहीं किया गया।
सूत्रों के अनुसार विशेष जांच टीम ने करीब 140 पृष्ठों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। टीम ने मंदिर न्यास से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों तथा दान पेटियों की व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि कई महत्वपूर्ण तथ्य और साक्ष्य रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने की तैयारी है।
जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर कई कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। यदि दान पेटियों के रखरखाव और चढ़ावे की गणना में लापरवाही या अनियमितता सिद्ध होती है तो कुछ कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त की जा सकती हैं।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर से जुड़े इस मामले ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। विपक्ष जहां पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं सरकार पर जांच पूरी कर सच्चाई सामने लाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।


