कोलकाता: पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। अखिलेश यादव ने गुरुवार को कोलकाता पहुंच कर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से मुलाकात की। बंगाल में 15 साल पुराने टीएमसी शासन के खात्मे और भाजपा की प्रचंड जीत के बाद अखिलेश यादव की ममता बनर्जी से यह पहली मुलाकात है। इस दौरान अखिलेश ने कहा कि भाजपा को दीदी हमेशा से खटकती रही हैं, भले ही इस बार आंकड़े पक्ष में न रहे हों, लेकिन ममता बनर्जी ने एक योद्धा की तरह मुकाबला किया है।
अखिलेश यादव को रिसीव करने के लिए ममता बनर्जी खुद गेट तक आईं, जबकि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने अखिलेश को गले लगाकर उनका स्वागत किया। अखिलेश यादव ने इस मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मान करते हुए कहा, दीदी, आप हारी नहीं हैं। अखिलेश ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के हौसले की तारीफ करते हुए कहा कि आप लोगों ने जिस तरह से चुनाव लड़ा, वह वाकई काबिले तारीफ है।
मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने कहा, भाजपा की आंखों में दीदी खटकती हैं, क्योंकि वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। भाजपा सामंती सोच की है, इनके संगी साथी लोग पुरुषवादी लोग हैं। यह लोग नारी को बढ़ते हुए नहीं देख सकते हैं। मैंने इस चुनाव को बहुत करीब से देखा। जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हुआ और भाजपा का जो रवैया था, वो हैरान करने वाला है।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव के नतीजों और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के झूठ ‘सोन पपड़ी’ की तरह हैं, जहां एक के ऊपर एक झूठ की परतें जमाई जाती हैं। भाजपा ने बंगाल में जो किया, यूपी में उससे कम किया था। बंगाल में उसका ट्रायल किया गया। उन्होंने कहा, भाजपा जिस तरह से काम करती है, उससे अराजकता फैलती है। चुनाव के बाद कहा गया कि सुरक्षाबलों की कई कंपनियां यहां रहेंगी। सिक्योरिटी संभालेंगी। अब वे कंपनियां कहां हैं?
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने चुनाव के दौरान हुई हिंसा और धांधली के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया। अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और वह भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि आयोग ‘मर’ चुका है। इस दौरान उन्होंने चुनौती दी कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष है, तो कुंदरकी और बंगाल की वोटिंग व गिनती के सीसीटीवी फुटेज जनता को दिखाए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव हो सकती है, तो चुनाव की क्यों नहीं?
अखिलेश ने कहा कि कुंदरकी में जहां सपा का वोट बैंक हमेशा मजबूत रहा, वहां भाजपा का वोट प्रतिशत अचानक 77% कैसे पहुँच गया? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों की मदद से जबरन वोट डलवाए गए और पूरी चुनाव प्रक्रिया को ही बदल दिया गया। सपा प्रमुख ने कहा कि अगर गोलियों के डर से वोट डलवाए जाएंगे, तो लोकतंत्र में जीत किसकी होगी? उन्होंने बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या के लिए सीधे गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया।


