लखनऊ। अयोध्या में वर्ष 1940 में स्थापित एक शिव मंदिर पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए हर ‘कॉरिडोर’ और ‘चौड़ीकरण’ परियोजना के पीछे हुए कथित घोटालों और अनियमितताओं की बहुसदस्यीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जांच के दायरे में ट्रस्ट के पदाधिकारी, विभिन्न समितियों के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी तथा विकास प्राधिकरण से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों को शामिल किया जाए। उनका आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर होने वाले घोटाले बिना मिलीभगत के संभव नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि पिछले कुछ वर्षों में इन परियोजनाओं से जुड़े सभी प्रमुख अधिकारियों और पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित काली संपत्ति और अकूत धन-संपदा की भी पड़ताल की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यह जांच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों की निगरानी में कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सच्चाई सामने आ सके। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और अयोध्या में मंदिर ध्वस्तीकरण का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।


