लखनऊ। प्रदेश की राजनीति में आज होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार आज दोपहर करीब 3 बजे होने की चर्चा है। राजनीतिक गलियारों में छह विधायकों के मंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज हैं। इनमें समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के करीब आए दो विधायकों के नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।
इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट कर भाजपा सरकार और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में केवल छह रिक्तियां हैं, जबकि दूसरे दलों से भाजपा में आने वाले नेताओं की संख्या इससे कहीं अधिक है। ऐसे में आखिर मंत्री पद किस आधार पर दिया जाएगा और बाकी नेताओं का क्या होगा।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि भाजपा अपने सहयोगियों और दल-बदल कर आए नेताओं के साथ किस तरह का व्यवहार करेगी, यह देखने वाली बात होगी। उन्होंने कहा कि यदि कुछ नेताओं को मंत्री बनाया गया तो बाकी खुद को ठगा हुआ महसूस करेंगे। वहीं जिन भाजपा नेताओं को लंबे समय से मंत्री बनने का इंतजार है, उनकी नाराजगी भी सामने आ सकती है।
सपा प्रमुख ने मौजूदा मंत्रियों के विभाग कम किए जाने की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि मंत्रियों से विभाग छीने जाते हैं तो जनता के बीच यह संदेश जाएगा कि वे मंत्री अपने काम में असफल रहे। इससे आगामी चुनावों में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और अब चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार केवल राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश है।
उधर भाजपा खेमे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बैठकों का दौर जारी है। पार्टी नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।


