ममता और स्टालिन से मिलकर अखिलेश ने दिया विपक्षी एकजुटता का बड़ा संदेश
लखनऊ
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को करारी हार मिलने के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्षी राजनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन की हार के बाद अखिलेश यादव खुद उनसे मिलने पहुंचे और साफ संकेत दिया कि राजनीतिक मुश्किलों में वह अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ेंगे।
अखिलेश यादव ने पहले कोलकाता पहुंचकर ममता बनर्जी से मुलाकात की। इसके बाद वह तमिलनाडु पहुंचे, जहां उन्होंने एमके स्टालिन से भेंट की। दोनों नेताओं के साथ तस्वीर साझा करते हुए अखिलेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। इस एक लाइन ने देश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए सत्ता पर कब्जा कर लिया, जबकि 15 वर्षों से शासन कर रही तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। खुद ममता बनर्जी अपनी सीट हार गईं। वहीं तमिलनाडु में भी डीएमके को बड़ा झटका लगा और एमके स्टालिन चुनाव हार गए। अभिनेता विजय थलपति की पार्टी TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए शानदार प्रदर्शन कर सत्ता की तस्वीर बदल दी।
ऐसे माहौल में अखिलेश यादव का ममता और स्टालिन से मिलना केवल औपचारिक मुलाकात नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे विपक्षी दलों को एकजुट रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी तालमेल को मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं।
चुनावी हार के बाद जब कई नेता दूरी बनाते नजर आते हैं, उस समय अखिलेश यादव का यह बयान और मुलाकातें विपक्षी राजनीति में भरोसे और एकजुटता का संदेश देने वाली मानी जा रही हैं।


