– बोले— सनातनियों और गौसेवकों को सरकार ने दिया दुख और महंगाई
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रण नीति और महंगाई के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले और गौसेवा करने वाले लोग भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “सनातनियों को बहुत दुख है। जो लोग ‘गौ माता’ की सेवा करते हैं, वे दुखी हैं। इस सरकार ने उन्हें दुख, तकलीफ और महंगाई दी है। अब देखिए, उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना शुरू कर दिया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर गौसंरक्षण और सनातन संस्कृति की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसकी नीतियां आम जनता और पशुपालकों के हितों के अनुरूप नहीं हैं। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई, डीजल-पेट्रोल की कीमतें और खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
अखिलेश यादव ने इथेनॉल मिश्रण नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इस विषय पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए और जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस नीति का वास्तविक लाभ किसे मिल रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार की कई आर्थिक नीतियों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि किसान, पशुपालक और मध्यम वर्ग लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। उनके अनुसार सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जनता अब इन मुद्दों पर जवाब मांग रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार लंबे समय से पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दे रही है। सरकार का तर्क है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। दूसरी ओर, विपक्ष समय-समय पर इस नीति के विभिन्न पहलुओं और इसके प्रभावों पर सवाल उठाता रहा है।


