लखनऊ: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद (Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah dispute) को लेकर 9 अगस्त को मथुरा में कारसेवा के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्वांचल अध्यक्ष इसरार अहमद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कई राजनीतिक टिप्पणियां की हैं।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान इसरार अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुसलमान अब पहले की तरह किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि एआईएमआईएम मथुरा की शाही ईदगाह से जुड़े मुद्दे पर मजबूती से अपनी बात रखेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर शाही ईदगाह पर कब्जा नहीं होने देने की बात कहती है और इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
इसरार अहमद ने कहा कि एआईएमआईएम केवल शाही ईदगाह ही नहीं, बल्कि जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे पर भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनके अनुसार, पार्टी इस मुद्दे को भी गंभीरता से उठाएगी।
एआईएमआईएम नेता ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मथुरा और शाही ईदगाह विवाद पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। इसरार अहमद ने कहा कि मुस्लिम समाज ऐसे संवेदनशील विषयों पर प्रमुख राजनीतिक दलों की स्पष्ट राय जानना चाहता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जौहर विश्वविद्यालय के मामले में भी समाजवादी पार्टी का रुख स्पष्ट नहीं रहा है।
गौरतलब है कि मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे पहले से ही राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में विभिन्न राजनीतिक दलों के बयानों के बीच इन मुद्दों पर सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है।


