लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सरकार यदि चाहे तो अपने ही जारी शासनादेश (जीओ) के आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी का नक्शा एक दिन में मंजूर कर सकती है, लेकिन राजनीतिक विद्वेष के कारण ऐसा नहीं किया जा रहा।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने इसी शासनादेश के आधार पर हजारों भवनों को नियमित कर उन्हें वैध स्वरूप प्रदान किया है, लेकिन जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में अलग रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने समर्थकों के लिए नियमों का पालन करती है, जबकि अन्य मामलों में उन्हें लागू नहीं करती। इससे विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और उनके परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है।
सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में लिखा, “भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए। विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा। ‘पक्षपात’ अन्याय का सबसे प्रत्यक्ष रूप होता है।”जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के प्रयासों से हुई थी। पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय की भूमि, भवन मानचित्र, लीज, राजस्व अभिलेख और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। आज़म खान और विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच भी की गई है। विश्वविद्यालय के संचालन और भवनों की वैधता से जुड़े मामले न्यायालयों और प्रशासनिक स्तर पर भी विचाराधीन रहे हैं।
बदले की राजनीति छोड़ शिक्षा के मंदिर को बचाए सरकार : अखिलेश


