प्रयागराज/यूथ इंडिया। रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर ऐसा बोझ डाला है कि अब लोग अपनी जरूरतों के हिसाब से नए-नए जुगाड़ और आविष्कार करने को मजबूर हो रहे हैं। प्रयागराज से सामने आई एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक पुराने गैस सिलेंडर को ही देसी चूल्हे में बदल दिया गया है।
तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि जिस सिलेंडर का कभी गैस स्टोरेज के लिए इस्तेमाल होता था, उसे काटकर और संशोधित कर ऐसा चूल्हा तैयार किया गया है जिस पर आसानी से खाना बनाया जा सकता है। लोग इसे महंगाई के खिलाफ आम आदमी की रचनात्मक सोच और मजबूरी का मिला-जुला उदाहरण बता रहे हैं।
देश में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बीते वर्षों में लगातार चर्चा का विषय रही हैं। घरेलू बजट पर बढ़ते दबाव के बीच गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार वैकल्पिक साधनों की तलाश में जुटे हैं। ऐसे में यह जुगाड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे “आपदा में आविष्कार” बताते हुए आम आदमी की संघर्षशील मानसिकता की मिसाल कहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने गैस सिलेंडरों का इस प्रकार उपयोग करते समय सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि सिलेंडर को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किए बिना काटा जाए तो दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
यह तस्वीर केवल एक चूल्हे की नहीं, बल्कि उस दौर की कहानी भी कह रही है जिसमें महंगाई से जूझता आम नागरिक अपने सीमित संसाधनों के बीच जीवन को आसान बनाने के लिए नए रास्ते तलाश रहा है। प्रयागराज से सामने आया यह दृश्य अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है और लोगों के बीच बहस छिड़ गई है कि आखिर बढ़ती महंगाई ने आम आदमी को किस मोड़ पर ला खड़ा किया है।


