
जिले के जनप्रतिनिधियों की एक नहीं सुनती एसपी
यहां थाने बिकते हैं, अनुभवी पुलिस कर्मियों को नहीं मिलते चार्ज
इटावा से जिला होता है संचालित
यूथ इंडिया, फर्रूखाबाद
थाना कादरी गेट क्षेत्र में हरियाणा के कारोबारी अरुण हुड्डा की सरेबाजार देर रात ९ बजे के बाद गोली मारकर हत्या की घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पत्नी और बच्चों के सामने युवक के सिर में दो गोलियां मारकर बदमाशों का फरार हो जाना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठा रहा है, थानेदार और चौकी इंचार्ज पूरी तरह से निष्क्रीय रहते हैं, और योगी सरकार पर बट्टा लगाने के लिए काफी हैँ।
घटना 26 जुलाई देर रात पांचाल घाट चौकी से कुछ ही दूरी पर हुई, जहां चार हमलावर कार से आए और कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस हत्या से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि दिनदहाड़े इस तरह बाहरी राज्य से आए व्यक्ति की हत्या हो सकती है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा।
घटना की सूचना पर एसपी आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, कथित एसओजी और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों के हाहाकार के बाद एसपी के निर्देश पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने दिखावे के साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। हालांकि, वारदात के कई घंटे बाद भी प्रशिक्षित पुलिस हमलावरों की पकड़ से हमेशा की तरह बाहर रही।
जिले की थकी और खाना पूर्ति पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। पुरानी रंजिश, कारोबारी विवाद और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं, जो की पूरी तरह अपेक्षित और नादान है जैसे कि जिले की पुलिस कप्तान आरती सिंह।


