लखनऊ। झूलेलाल घाट पर चल रहे मनौतियों के राजा गणेश उत्सव में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। गुरुवार को खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन, भजन संध्या व नृत्य नाटिका का आनंद लिया। शाम को आयोजित भजन संध्या में कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक नीरज भारद्वाज ने “गजानन आन पधारो लाडवा लाई मैं भारो”, “सुन ले गजानन अर्जी हमारी तारो न तारो मर्जी तुम्हारी” जैसे भजनों पर भक्तों को झुमाया। इसके बाद “तूने मुझे बुलाया शेरावालिए” और “डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा” पर पूरा पंडाल भोले बाबा के जयकारों से गूंज उठा।
भजन संध्या के बाद कोलकाता के ही प्रसिद्ध कलाकार संजय शर्मा और उनकी टीम द्वारा नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। पहली प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की नोंक-झोंक दिखाई गई। दूसरी प्रस्तुति में ब्रज में राधा-कृष्ण के प्रेम की मीठी नोंक-झोंक को मंच पर उतारा गया। तीसरी प्रस्तुति में कलाकारों ने भगवान गणेश के विभिन्न रूपों की स्तुति की। अंतिम प्रस्तुति में भगवान विष्णु के वराह अवतार की लीला का मंचन हुआ, जिसमें दिखाया गया कि कैसे हिरण्याक्ष के पृथ्वी को रसातल में छिपाने पर विष्णु जी ने वराह अवतार लेकर पृथ्वी का उद्धार और हिरण्याक्ष का वध किया। इस मौके पर संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल व पार्षद रंजीत सिंह , जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, गोपाल अग्रवाल, अखिलेश बंसल, सुधांशु बाथम, अजय अग्रवाल, योगेश बंसल, शरद अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, रामशंकर वर्मा, देशराज अग्रवाल, संजय अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, विजेंद्र अग्रवाल बिज्जू, समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि मनौतियों के राजा के दरबार में मन्नत की चिट्ठी लिखने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में भक्त आ रहे हैं। चिट्ठी लिखने का समय प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक है। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को दूर्वाभिषेक, मध्यान्ह 12 बजे होगा।
उन्होंने बताया कि भक्त लोग मनौतियों के राजा के दर्शन प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से रात 11:00 बजे तक कर सकेंगे बप्पा की आरती सुबह 9:00 बजे और शाम 6:00 बजे होगी। इस बार बच्चों के नए-नए झूले आ आये हैं फास्ट फूड, आइसक्रीम, चाट के स्टाल है। मीना बाजार में महिलाओं के श्रृंगार संबंधी सारी सामग्री के स्टॉल है। पूरा परिसर मेले जैसा है। जिसमें सभी प्रकार के समान लोग खरीद सकेंगे।
उत्सव के मुख्य आकर्षण
18 सितम्बर, दूर्वाभिषेक, मध्यान्ह 12 बजे।
19 सितम्बर- छप्पन भोग, रात्रि 8 बजे।
20 सितम्बर, सिन्दूराभिषेक, मध्याह्न 12 बजे।
23 सितम्बर- पाशांकुश पूजन मध्यान्ह 12 बजे।
24 सितम्बर- महाभिषेक मध्यान्ह 12 बजे, तथा महामोदक रात्रि 8ः00 बजे।


