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Wednesday, May 6, 2026

आगरा के लोहामंडी क्षेत्र में बन रहा अत्याधुनिक महिला छात्रावास

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– 13.45 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा चार मंजिला 128 बेड का हॉस्टल

– सीसीटीवी, महिला गार्ड और बायोमेट्रिक एंट्री जैसी सुविधाओं से होगा लैस

– किफायती और सुरक्षित आवास से कामकाजी महिलाओं के स्वावलंबन को मिलेगी उड़ान

आगरा, 06 मई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के स्वावलंबन, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। मिशन शक्ति को धरातल पर उतारते हुए ताजनगरी आगरा में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए महिला छात्रावास’ का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। यह आधुनिक छात्रावास दूसरे शहरों या ग्रामीण क्षेत्रों से आगरा आकर नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने वाला है।

128 बेड की विशाल क्षमता और 13.45 करोड़ का बजट
आगरा के शहरी विस्तार और बढ़ते औद्योगिक निवेश के कारण यहां कामकाजी महिलाओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी जरूरत को समझते हुए योगी सरकार ने शहर के मध्य लोहामंडी क्षेत्र में नगर निगम के लोहामंडी जोनल कार्यालय परिसर में महिला छात्रावास की नींव रखी है। 13.45 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 2506 वर्ग मीटर में चार मंजिला भवन (एस 4) का निर्माण किया जा रहा है। 128 बेड की क्षमता वाले इस कॉम्प्लेक्स में करीब 64 कमरे, 03 मेडिकल रूम, ऑफिस, लिफ्ट, मॉड्यूलर किचन, टॉयलेट और पोर्च जैसी बेहतरीन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक एंट्री से सुनिश्चित होगी सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश की हर बेटी और महिला खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रावास में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। अक्सर कामकाजी महिलाओं को निजी पीजी या किराए के कमरों में सुरक्षा की चिंता सताती है। लेकिन इस सरकारी छात्रावास में सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे निगरानी, महिला सुरक्षा गार्डों की तैनाती और बायोमेट्रिक एंट्री जैसे कड़े सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि उन्हें बिल्कुल घर जैसा सुरक्षित माहौल मिल सके।

सस्ते आवास से होगी आर्थिक बचत, करियर पर बढ़ेगा फोकस
इस छात्रावास का निर्माण शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्र में किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को अपने कार्यस्थल तक आने- जाने में आसानी हो। निजी आवासों और पीजी की तुलना में यहां रहने का खर्च काफी कम होगा, जिससे महिलाओं की बड़ी आर्थिक बचत होगी। सरकार का मानना है कि जब महिलाओं को रहने के लिए सुरक्षित और सस्ता स्थान मिलेगा, तो वे बिना किसी तनाव के पूरी एकाग्रता के साथ अपने करियर पर ध्यान दे पाएंगी। इससे न केवल महिलाएं सशक्त होंगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

तय समय सीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा होगा काम
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सख्त निर्देश हैं कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। प्रभारी मुख्य अभियंता/ अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा अनुरूप ‘मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास’ का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। 13.45 करोड़ की लागत से बन रहे इस 128 बेड के चार मंजिला हॉस्टल को सभी आधुनिक और बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। निर्माण में सामग्री की उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हमारा प्रयास है कि इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। यह प्रोजेक्ट ताजनगरी के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और कामकाजी महिलाओं को इसका सीधा लाभ जल्द मिलना शुरू हो जाएगा।

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