कमालगंज संवाददाता। आज से शरद ऋतु की शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गई है। प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने नौ दिवसीय व्रत का संकल्प लिया। सुबह से ही सभी प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
कमालगंज के दीप केसरी मंदिर में लगा श्रद्धालुओं का जमवाड़ा
कस्बा कमालगंज स्थित प्रसिद्ध दीप केसरी माता मंदिर में आज सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन को पहुंचे। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा।
रजीपुर मार्केट में व्यापारियों के सहयोग से स्थापित हुई माता रानी की विशाल प्रतिमा – मुख्य आकर्षण
इस वर्ष नवरात्र का सबसे प्रमुख आयोजन रजीपुर मार्केट में देखने को मिला। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी मार्केट के सभी दुकानदारों के आपसी सहयोग से माता रानी की विशाल प्रतिमा की स्थापना की गई है।
इस आयोजन के मुख्य आयोजक एवं प्रमुख मुख्य यजमान अजय कुमार दुबे रहे। उनके नेतृत्व में पूरे बाजार में भक्ति का माहौल बना हुआ है।
इस पुनीत कार्य में अन्नपूर्णा बीज भंडार के संजय सिंह, अरविंद सिंह, शिवम राठौड़, नीरज सिंह, राजीव सिंह, बाबा यादव, रिंकू यादव सहित मार्केट के सभी दुकानदारों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। व्यापारियों की एकता और श्रद्धा का यह उदाहरण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शाम होते ही प्रतिमा स्थल पर भजन-कीर्तन और आरती में सैकड़ों भक्त शामिल हो रहे हैं।
कमालगंज के साथ-साथ श्रृंगीरामपुर, खुदागंज, जहानगंज, कंधरापुर सहित जनपद के सभी प्रमुख स्थानों पर स्थित माता के मंदिरों में भी दिन भर भीड़ रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना और जौ बोने की परंपरा निभाई जाती है। भक्त नौ दिनों तक व्रत रखकर देवी के नौ शक्ति स्वरूपों की विधि-विधान से उपासना करते हैं। मान्यता है कि मां शैलपुत्री की आराधना से धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आश्विन मास में शरद ऋतु के आगमन के कारण इसे शारदीय नवरात्र कहा जाता है, जिसका समापन विजयादशमी के साथ होगा।


