कोलकाता
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसे ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया गया है। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे जनता के लिए एक मजबूत वादा बताया। उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 साल बंगाल की जनता के लिए कठिन दौर रहे हैं।
घोषणा पत्र में बीजेपी ने कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद पहले छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। इसके अलावा महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता और बेरोजगार युवाओं को भी ₹3000 मासिक सहायता देने का वादा किया गया है। साथ ही राज्य में गौ-तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने की बात कही गई है।
राजनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से अपना गठबंधन तोड़ लिया है। यह गठबंधन हाल ही में 25 मार्च को बना था, लेकिन अब AIMIM ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
AIMIM ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कुछ हालिया टिप्पणियां ऐसी थीं, जिनसे मुस्लिम समुदाय की निष्ठा और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे बयान या विचारधारा से खुद को नहीं जोड़ सकती, जो समुदाय विशेष के खिलाफ हो।
इस बीच चुनावी कार्यक्रम भी तय हो चुका है। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को ही एक चरण में वोटिंग होगी। चुनावी माहौल के बीच सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी मुकाबला और तेज होने की संभावना है।


