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Tuesday, May 26, 2026

बंगाल में शुभेंदु सरकार के बड़े फैसले :5 रुपये में मछली-भात से लेकर महिलाओं को ₹3000 तक की सौगात

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की सामाजिक, प्रशासनिक और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। नदिया जिले के कल्याणी में आयोजित उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भाजपा सरकार “डबल इंजन” मॉडल के तहत जनता को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए तेजी से काम करेगी।

सरकार ने पूर्ववर्ती योजनाओं को बंद करने के बजाय उनका दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। महिलाओं को मिलने वाली ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को अब ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ के रूप में लागू किया जाएगा, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये दिए जाएंगे। योजना के आवेदन बुधवार से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू होंगे। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि नई राशि लागू होने तक पुरानी व्यवस्था के तहत भुगतान जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य की लगभग 400 कैंटीनों में गरीबों और मजदूरों को सिर्फ पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सप्ताह में दो दिन विशेष रूप से मछली-भात परोसा जाएगा, जबकि अन्य दिनों में अंडा, दाल, सब्जी और भात उपलब्ध रहेगा।

प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए ‘दीदी के बोलो’ और ‘मुख्यमंत्री के बोलो’ कार्यक्रमों को समाप्त कर ‘आपका सरकार से कहें’ नाम से नया लोक शिकायत मंच शुरू किया जाएगा। इसके लिए नया टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।

सामाजिक व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें बंद करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छात्रों की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी।

महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की योजना को भी लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए महिलाओं को स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में एक जुलाई से ‘आयुष्मान भारत’ योजना लागू होगी, जिसके तहत लोगों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।

सरकार जून महीने में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, जन कल्याण शिविर और विश्व योग दिवस जैसे कार्यक्रम भी बड़े स्तर पर आयोजित करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में यह केवल योजनाओं की घोषणा नहीं बल्कि “भाजपा मॉडल” को स्थापित करने की बड़ी रणनीति मानी जा रही है, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं, सांस्कृतिक पहचान और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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