कंपिल (फर्रुखाबाद)।
पौराणिक तीर्थ नगरी कंपिल में मंगलवार को दो दिवसीय धार्मिक परिक्रमा का शुभारंभ भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। परिक्रमा में सैकड़ों साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे नगर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
परिक्रमा का नेतृत्व कालेश्वर नाथ मंदिर के महंत सत्यगिरि महाराज ने किया। यह परिक्रमा कालेश्वर नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर फुलू नगला, भोगपुर, अकराबाद, हमीरपुर, काजी रुदायन और मानिकपुर होते हुए वेदू अड्डा पहुंचेगी, जहां संतजन रात्रि विश्राम करेंगे। दूसरे दिन परिक्रमा बेदू बाबा आश्रम और शेखपुर से गुजरते हुए कालेश्वर नाथ विसर्जन स्थल पर संपन्न होगी।
महंत सत्यगिरि महाराज ने बताया कि पौराणिक नगरी कंपिल में इस परिक्रमा का आयोजन वर्ष 2014 से निरंतर किया जा रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु इसमें शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करते हैं और क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं को सशक्त बनाते हैं।
परिक्रमा के दौरान आसपास के जनपदों से आए साधु-संतों ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह नगरवासियों और ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर संतों का भव्य स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था कर सेवा भाव का परिचय दिया।
इस धार्मिक आयोजन में महानंद, सतीश दास, रामपाल गिरी, भगवान दास, सत्यपाल गिरि, प्रेम गिरि सहित सैकड़ों संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। परिक्रमा को लेकर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है, जिससे कंपिल की धार्मिक गरिमा और भी प्रखर हो उठी है।


