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Wednesday, April 1, 2026

बेकाबू ट्रैफिक: तमाम प्रयासों के बाद भी जाम से नहीं मिल रही राहत, रोजाना जूझ रहे लोग

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फर्रुखाबाद। नगर में ट्रैफिक जाम की समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है। रेलवे क्रॉसिंग से लेकर पल्ला मठिया और मुख्य चौक तक का प्रमुख मार्ग आए दिन जाम की गिरफ्त में रहता है। प्रशासन और नगर पालिका द्वारा समय-समय पर किए जा रहे प्रयासों के बावजूद आमजन को कोई ठोस राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार को रेलवे स्टेशन के आसपास लगे भीषण जाम ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी।
सुबह के समय शुरू हुआ जाम धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि दोपहर तक हालात पूरी तरह बिगड़ गए। रेलवे रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें दोपहिया, चारपहिया, ई-रिक्शा और भारी वाहन फंसे नजर आए। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर पहुंचने की जल्दी में कर्मचारियों और मरीजों को लेकर जा रहे परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर तो एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल सका, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई।
नगर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर हाल ही में रेड लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन सड़कें चौड़ी किए बिना सिग्नल व्यवस्था लागू करने से समस्या और उलझ गई है। संकरी सड़कों पर सिग्नल लगने से वाहनों की कतारें तेजी से बढ़ जाती हैं और कुछ ही देर में पूरा मार्ग जाम हो जाता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे उनके व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील बना हुआ है। ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। फाटक खुलने के बाद भी वाहन चालक जल्दबाजी में आगे बढ़ने की होड़ में व्यवस्था बिगाड़ देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। ट्रैफिक पुलिस की सीमित मौजूदगी और वाहन चालकों की लापरवाही स्थिति को और जटिल बना देती है।
नगर को आधुनिक शहर की तर्ज पर विकसित करने की योजनाएं तो बनाई जा रही हैं, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क किनारे लगे ठेले-खोमचे भी जाम की प्रमुख वजह बने हुए हैं। हालांकि समय-समय पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैकल्पिक मार्गों का विकास, पार्किंग की समुचित व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। फिलहाल हालात यह हैं कि फर्रुखाबाद के लोग रोजाना जाम की समस्या से जूझने को मजबूर हैं और प्रशासनिक दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है। यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।

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