– इलाहाबाद हाईकोर्ट के संभावित निर्देशों के बाद सख्त कार्रवाई की तैयारी
– 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान
प्रयागराज। यदि वाहनों पर अवैध रूप से ‘प्रेस’ या ‘पुलिस’ लिखवाने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी होता है, तो यह नियम सीधे तौर पर फर्जी पहचान और धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए लागू किया जाएगा। प्रस्तावित सख्ती के तहत ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई संभव होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 7 वर्ष तक की सजा और भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही, संबंधित वाहन को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासनिक स्तर पर यह भी तय किया जा सकता है कि वाहन पर ‘प्रेस’ लिखने वाले व्यक्ति से वैध प्रेस कार्ड, संस्थान से जुड़ाव और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति पैसे देकर फर्जी प्रेस कार्ड बनवाता या उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, आईपीसी 420 के अलावा 468 जालसाजी, 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) जैसी धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। इन धाराओं में सजा और जुर्माने का प्रावधान पहले से ही मौजूद है।
बताया जा रहा है कि ऐसे फर्जी टैग लगाकर कई लोग प्रशासनिक छूट लेने, टोल या चेकिंग से बचने और प्रभाव दिखाने का प्रयास करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसी को देखते हुए न्यायालय और प्रशासन इस दिशा में सख्ती के संकेत दे रहे हैं।
हालांकि, स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद ही नियमों की पूरी रूपरेखा सामने आएगी। फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है।


