इटावा
जनपद में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। बिजली विभाग की टीम जब क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद अवर अभियंता के साथ कथित रूप से हाथापाई तक की नौबत आ गई। घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की टीम निर्धारित योजना के तहत इलाके में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने पहले बिजली के खंभे लगाए जाने की मांग उठाई और कहा कि बिना उचित व्यवस्था के मीटर लगाने का कोई औचित्य नहीं है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान स्थिति बिगड़ गई और अवर अभियंता के साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई की घटना सामने आई। इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
घटना के बाद अवर अभियंता द्वारा संबंधित थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी बिजली विभाग की टीम पर अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।
सीओ सिटी ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सरकारी कार्यों में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता के लिए लागू की जा रही है, लेकिन इसके लिए जनसहयोग भी आवश्यक है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।


