लखनऊ। सरकार की कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर ₹2585 प्रति क्विंटल कर दिया है। इस बार समर्थन मूल्य में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश में गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक लगातार चलेगी। इस अवधि में किसानों से सीधे गेहूं की खरीद की जाएगी, जिससे उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था से बचाया जा सके।
खरीद व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेशभर में लगभग 6500 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को अपनी फसल बेचने में सुविधा मिलेगी और लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सरकार ने खरीद प्रक्रिया के लिए कई प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय सहकारी संघ, प्रांतीय सहकारी यूनियन, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ शामिल हैं। इन एजेंसियों के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा। साथ ही यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में भी सहायक साबित होगा।
योगी कैबिनेट का किसानों को बड़ा तोहफा, गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल, 30 मार्च से खरीद शुरू


