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Sunday, March 22, 2026

पीडब्ल्यूडी पर किसानों की जमीन कब्जाने का आरोप: मुआवजा न मिलने पर सपा नेत्री ने दी आंदोलन की चेतावनी

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कानपुर| बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गदनपुर अहार में सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राजेपुर–गदनपुर संपर्क मार्ग के निर्माण में लोक निर्माण विभाग पर बिना मुआवजा दिए किसानों की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे हैं। इस मुद्दे को लेकर सपा नेत्री रचना सिंह गौतम ने जिलाधिकारी कानपुर को ज्ञापन भेजते हुए बिल्हौर उपजिलाधिकारी को भी विस्तृत शिकायत सौंपी है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग द्वारा पांच गांवों को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। किसानों की निजी भूमि पर बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जो ‘भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ का स्पष्ट उल्लंघन है।
सपा नेत्री ने प्रशासन से कई अहम सवाल पूछे हैं। उन्होंने अधिसूचना जारी करने की स्थिति, सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA), प्रभावित किसानों को व्यक्तिगत नोटिस देने, आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर, मुआवजे का निर्धारण और भुगतान, तथा सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के आदेश जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा है। उनका कहना है कि राजस्व अभिलेखों में जहां सड़क की चौड़ाई मात्र 15 फीट दर्ज है, वहीं मौके पर 36 फीट चौड़ी सड़क और नाले का निर्माण किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पैमाइश कर रहे राजस्व कर्मियों के पास किसी प्रकार का लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों द्वारा किसानों के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी देने की शिकायत भी सामने आई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कानून के अनुसार जब तक प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक उनकी जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सपा नेत्री रचना सिंह गौतम ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर निर्माण कार्य नहीं रोका गया और किसानों को न्याय नहीं मिला, तो वे प्रभावित किसानों के साथ तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देने को मजबूर होंगी। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान—लाल सिंह, मोनू, सुरेशचंद्र, मानसिंह, अरविंद, रामप्रकाश कटियार, ऋषभ, महेंद्र सिंह, विजय सिंह, धर्मेंद्र कटियार, संजय सिंह, रविंद्र यादव, सृजन सिंह, गयासीन, सरवन कुमार, अनुज, राहुल यादव, शशिकांत पाल और अंशुमान सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
फिलहाल इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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