– फ्रॉड का मास्टरमाइंड फरार
वॉशिंग्टन
अमेरिका में एक बड़े साइबर ठगी मामले में भारतीय मूल के आरोपी की तलाश तेज हो गई है। एफबीआई ने कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल उर्फ केनी पटेल को इस मामले में प्रमुख आरोपी बताया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, केनी पटेल पर 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप है। वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो लोगों को फोन कॉल के जरिए ठगता था।
करीब 35 वर्षीय कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल को ‘केनी पटेल’ के नाम से भी जाना जाता है। माना जा रहा है कि वह अमेरिका के इलिनॉय और पेंसिल्वेनिया के बीच कहीं छिपा हो सकता है।
एफबीआई के अनुसार, आरोपी पहले एक फ्यूल स्टेशन पर काम करता था, लेकिन बाद में वह ठगी के नेटवर्क से जुड़ गया और लोगों को निशाना बनाने लगा।
इस गिरोह का तरीका बेहद चालाक था। आरोपी लोगों को फोन करके यह दावा करते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी है, जिससे लोगों में डर और भ्रम पैदा होता था।
इसके बाद पीड़ितों पर दबाव डालकर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी। अधिकतर मामलों में नकद पैसे या प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए रकम अलग-अलग पते पर मंगाई जाती थी।
इस मामले में 22 जून 2023 को अमेरिकी अदालत ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर ‘मेल और वायर फ्रॉड साजिश’ जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
फिलहाल एफबीआई ने उसे ‘न्याय से भागा हुआ आरोपी’ घोषित कर दिया है और उसकी तलाश जारी है।
जांच एजेंसी ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की जानकारी जांच में अहम भूमिका निभा सकती है और आरोपी को पकड़ने में मदद कर सकती है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर और फोन कॉल के जरिए होने वाली ठगी कितनी संगठित और खतरनाक हो चुकी है, जिससे बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।


