लखनऊ| प्रदेश में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठान इसके दायरे से बाहर हैं। बुधवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई कि उत्तर प्रदेश में कुल 53,768 अंशदायी प्रतिष्ठानों में से 34,785 का पंजीकरण हो चुका है, जो लगभग 65 प्रतिशत है। हालांकि 16,000 से अधिक प्रतिष्ठान अब भी अपंजीकृत हैं, जिन्हें जल्द से जल्द योजना से जोड़ने की आवश्यकता जताई गई है।
बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जो प्रतिष्ठान अब तक योजना से नहीं जुड़े हैं, उन्हें चिन्हित कर अभियान चलाकर जोड़ा जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि इस पंजीकरण अभियान के माध्यम से प्रदेश में तीन लाख से अधिक नए सदस्य जुड़े हैं, जबकि करीब नौ लाख निष्क्रिय सदस्य दोबारा सक्रिय किए गए हैं। इससे न केवल श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा, बल्कि प्रदेश की औपचारिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो आगरा 80 प्रतिशत पंजीकरण के साथ प्रदेश में सबसे आगे है, जो अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनकर उभरा है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि आगरा मॉडल का अध्ययन कर अन्य जिलों में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई जाए, ताकि पंजीकरण की गति और तेज की जा सके।
सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र प्रतिष्ठानों को योजना के तहत लाकर अधिक से अधिक कर्मचारियों को भविष्य निधि और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाए। इसके लिए आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना में यूपी की रफ्तार तेज, 65% प्रतिष्ठान पंजीकृत, 16 हजार अब भी बाहर


