लखनऊ। राजधानी के चौक स्थित कन्वेंशन सेंटर में ट्रामा एवं इमरजेंसी केयर को लेकर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे।
गोष्ठी में प्रदेश में ट्रामा केयर व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में सड़क हादसों और आपात स्थितियों को देखते हुए ट्रामा सेंटर की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि हर मंडल में लेवल-1 ट्रामा सेंटर स्थापित किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि केवल संसाधन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि चिकित्सा कर्मियों को आधुनिक उपकरणों की ट्रेनिंग देना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि वेंटिलेटर संचालन की ट्रेनिंग सभी संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाए, जिससे आपात स्थिति में मरीजों की जान बचाई जा सके।
कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने भी इमरजेंसी हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया और कहा कि ट्रामा केयर में समय पर उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।
वहीं, केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने संस्थान की ओर से ट्रामा एवं इमरजेंसी सेवाओं को और बेहतर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।
गोष्ठी में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन आवर” के भीतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस नेटवर्क, प्रशिक्षित स्टाफ और आधुनिक सुविधाओं को और मजबूत किया जाए।
इस आयोजन के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर ट्रामा और इमरजेंसी केयर को नई दिशा देने की पहल मानी जा रही है।
ट्रामा एवं इमरजेंसी केयर पर गोष्ठी, हर मंडल में लेवल-1 ट्रामा सेंटर बनाने की तैयारी


