काठमांडू
नेपाल की निवर्तमान प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने देश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रवासी नेपालियों से एकजुट होकर निवेश करने की अपील की है। काठमांडू में आयोजित गैर-आवासीय नेपाली संघ (एनआरएनए) के 12वें वैश्विक सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही।
सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कार्की ने कहा कि केवल सरकार के प्रयासों से विकास के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते। इसके लिए देश और विदेश में रह रहे नेपालियों की भागीदारी, निवेश और अनुभव बेहद जरूरी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रवासी समुदाय के पास पूंजी के साथ-साथ ज्ञान और तकनीकी अनुभव भी है, जिसका उपयोग नेपाल की समृद्धि के लिए किया जा सकता है। उन्होंने नवाचार और कौशल के आदान-प्रदान को भी विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में दुनिया भर से एक हजार से अधिक प्रवासी नेपाली प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का विषय “हमारी एकता, समृद्धि का आधार” रखा गया था, जो सामूहिक विकास के संदेश को दर्शाता है।
एनआरएनए, जो करीब 80 लाख प्रवासी नेपालियों का प्रतिनिधित्व करता है, ने सम्मेलन के अंत में 12 सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया। इसमें निवेश, सहयोग और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया।
प्रधानमंत्री ने प्रवासी नागरिकों को नेपाल में उपलब्ध निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल आर्थिक प्रगति होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सम्मेलन में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे नेपालियों पर भी पड़ रहा है।
एनआरएनए ने अपने घोषणापत्र में कहा कि पश्चिम एशिया के देशों में फंसे नेपालियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संगठन ने उन्हें सुरक्षित निकालने और पुनर्वास के लिए सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
प्रवासी समुदाय ने नेपाल सरकार से निवेश के लिए बेहतर नीतिगत माहौल बनाने की मांग भी की। उन्होंने नागरिकता, विदेशी निवेश, आयकर और संपत्ति लेन-देन से जुड़े कानूनों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने जलविद्युत, कृषि, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों को निवेश के लिए सबसे अधिक संभावनाशील क्षेत्र बताया। इन क्षेत्रों में निवेश से रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, यह सम्मेलन नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां प्रवासी नेपालियों को देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया और वैश्विक संकटों के बीच उनकी सुरक्षा पर भी गंभीर चर्चा की गई।


