लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के 90 हजार लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए करीब 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि माफियाओं और अपराधियों से जब्त की गई जमीन पर गरीबों के लिए आधुनिक हाईराइज आवासीय भवन बनाए जाएंगे, जिससे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल लोगों को मकान उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने बताया कि इन आवासों में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार अधिवक्ताओं, डॉक्टरों और पत्रकारों के लिए भी विशेष आवास योजना पर काम कर रही है। इसके तहत प्रमुख शहरों में नियोजित तरीके से आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे, जिससे इन पेशेवर वर्गों को भी सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं और प्रदेश सरकार के प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार डबल इंजन सरकार की नीति के तहत प्रदेश की 25 करोड़ जनता को परिवार मानकर बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, लेकिन आज वही प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना और राज्य सरकार की अन्य आवासीय योजनाओं के माध्यम से अब तक करीब 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अपराध और माफिया के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई का लाभ समाज के कमजोर वर्गों को मिलेगा। माफियाओं से जब्त संपत्तियों का उपयोग अब जनकल्याण के कार्यों में किया जाएगा, जिससे गरीबों को आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से समयबद्ध ढंग से पहुंचाया जाए।


