– कहा—विदेश नीति जनता की इच्छा, इतिहास और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर मौजूदा हालात पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत की विदेश नीति देश की जनता की सामूहिक इच्छा से निकलनी चाहिए और इसका आधार देश का इतिहास, भौगोलिक स्थिति और आध्यात्मिक मूल्यों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति का मूल आधार सत्य और अहिंसा के सिद्धांत होने चाहिए।
उन्होंने आगे लिखा कि आज जो स्थिति दिखाई दे रही है, वह किसी स्पष्ट नीति का परिणाम नहीं है। राहुल गांधी के अनुसार यह स्थिति एक समझौता कर चुके व्यक्ति के शोषण का परिणाम प्रतीत होती है।
कांग्रेस नेता की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में विदेश नीति को लेकर बहस तेज हो गई है। कई नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और कूटनीतिक मुद्दों को लेकर भारत की विदेश नीति पर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ी है, जिस पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार चर्चा जारी है।


