श्रीनगरl सैयद अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर के बाद शुक्रवार को कई इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। शहर के डाउनटाउन, नवहट्टा, रैनावारी और सौरा समेत कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुमे की नमाज के बाद कुछ स्थानों पर भीड़ अचानक बढ़ गई और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चुनिंदा स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। अधिकारियों का कहना है कि बल प्रयोग न्यूनतम रखा गया और किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाहों और भड़काऊ सामग्री पर नजर रखने के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया गया है। कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं की गति अस्थायी रूप से कम किए जाने की भी सूचना है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश के अन्य हिस्सों में भी एहतियातन सतर्कता बरती जा रही है। केंद्र सरकार पहले ही राज्यों को कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दे चुकी है। फिलहाल श्रीनगर में बाजार आंशिक रूप से खुले हैं और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।






