बड़ा इमामबाड़ा–छोटा इमामबाड़ा में सन्नाटा, चौक-नक्खास की दुकानें बंद, इमारतों पर खामेनेई के पोस्टर
लखनऊ। नवाबी तहजीब और गंगा-जमुनी संस्कृति के लिए मशहूर पुराने लखनऊ में रविवार को गमगीन माहौल नजर आया। ऐतिहासिक धरोहर बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और प्रसिद्ध भूल भुलैया परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम आवाजाही देखी गई।
पुराने शहर के प्रमुख बाजार—चौक, नक्खास, अकबरी गेट और आसपास के कारोबारी इलाके—पूरी तरह बंद रहे। सुबह से ही अधिकांश दुकानों के शटर गिरे रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा। आमतौर पर जहां इत्र, चिकनकारी और कबाब की दुकानों पर भीड़ रहती है, वहां दिन भर हलचल नहीं दिखी।
इमारतों पर लगे पोस्टर
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई इमारतों और दीवारों पर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों के जरिए शोक और एकजुटता का संदेश दिया गया। कुछ स्थानों पर धार्मिक नारों वाले बैनर भी लगाए गए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त बढ़ाई गई। ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कारोबार पर असर
व्यापारियों के अनुसार, बाजार बंद रहने से लाखों रुपये के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा है। हालांकि अधिकांश दुकानदारों ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन किया। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने लोगों से संयम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
पुराने लखनऊ की फिजां में दिन भर एक अलग सा सन्नाटा महसूस किया गया। फिलहाल हालात पूरी तरह शांत बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
पुराने लखनऊ में शोक की लहर, इमामबाड़े और ऐतिहासिक बाजार पूरी तरह बंद


