– बोले ब्रजेश पाठक सरकार नें क़ानून व्यवस्था को दी प्राथमिकता
लखनऊ। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में अपेक्षित एकजुटता नजर नहीं आई। आयोजन को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा थी और इसे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा था, लेकिन कार्यक्रम में भीड़ और प्रभाव दोनों ही सीमित रहे।
मंच से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार में ब्राह्मण समाज को सर्वाधिक सम्मान मिला है। ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है और अपराधियों पर कार्रवाई जाति देखकर नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर की जाती है।
ब्राह्मण समाज का योगदान राष्ट्र और प्रदेश निर्माण में ऐतिहासिक रहा है, और सरकार उनके सम्मान व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कुछ लोग समाज को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं, लेकिन प्रदेश की जनता विकास और सुशासन की राजनीति को समझ चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में ब्राह्मण समाज को निर्णय लेने वाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सम्मान और भागीदारी दोनों सुनिश्चित किए गए हैं। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार में ब्राह्मण समाज को जितना प्रतिनिधित्व और सम्मान मिला है, उतना पहले कभी नहीं मिला। उन्होंने सामाजिक समरसता और संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि समाज को विभाजनकारी राजनीति से बचना चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सम्मेलन के जरिए असंतोष का संकेत देने की कोशिश जरूर हुई, लेकिन मंच से दिए गए बयानों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि भाजपा नेतृत्व ब्राह्मण समाज के साथ खड़ा है। सम्मेलन में मौजूद लोगों की संख्या और अंदरूनी मतभेदों की चर्चाओं के चलते एकजुटता का स्पष्ट प्रदर्शन नहीं हो सका। हालांकि, नेताओं ने आगामी चुनावों को देखते हुए सामाजिक संतुलन और संवाद बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया।


