शमसाबाद। कस्बे के मोहल्ला इमली दरवाजा स्थित इस्लाम कुरैशी के आवास पर रमजान माह के पावन अवसर पर तरावीह की नमाज का एहतिमाम उनके छोटे भाई रिज़वान कुरैशी की ओर से किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी रही और पूरा माहौल इबादत व रूहानियत से सराबोर नजर आया।
मुफ्ती रिज़वान मजहरी के शागिर्द-ए-खास कारी दानिश रज़ा ने तरावीह की नमाज पढ़ाई। दसवीं तरावीह में कुरान-ए-पाक मुकम्मल किया गया, जिस पर उपस्थित लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। कुरान मुकम्मल होने की खुशी में एक महफिल का आयोजन भी किया गया।
महफिल में हाफिज अजमल ने नाते पाक पेश की, जबकि हाफिज ज़ीशान ने मनकबत गौसे आज़म पढ़कर समां बांध दिया। इसके बाद मुफ्ती रिज़वान मजहरी ने रमजान की फजीलत, कुरान की बरकत और तरावीह व रोजे की अहमियत पर तकरीर करते हुए कहा कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना है। यह वही महीना है जिसमें कुरान-ए-पाक नाजिल हुआ।
उन्होंने कहा कि वह लोग बेहद खुशनसीब हैं, जिन्हें तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने का मौका मिला। यह हमारे नबी का सदका है कि हमें अल्लाह का कलाम सुनने और समझने की तौफीक मिलती है। अल्लाह तआला ने खुद फरमाया है कि “हमने ही इस कुरान को नाजिल किया है और हम ही इसकी हिफाजत करने वाले हैं।”
मुफ्ती साहब ने आगे कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम-ए-पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह अदा करना अलग सुन्नत है। उन्होंने सभी मुसलमानों से रोजा रखने, इबादत करने और अल्लाह के हुक्मों पर चलने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआ की गई। इस अवसर पर सलमान अहमद (प्रधान प्रत्याशी, न्यामतपुर भुक्सी), तासीन सलमानी, छंगे सलमानी, मुजाहिद उवैसी, इरफान, नाजिर खान, ज़ीशान कुरैशी, राशिद वारसी, डॉ. सुहेल, मोहम्मद उवैस सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


