वाराणसी: रंगभरी एकादशी (Rangbhari Ekadashi) के अवसर पर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) के पास दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिनमें आरोप लगाया गया है कि मंदिर में सुरक्षा के लिए तैनात एक पुलिस अधिकारी ने एक महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की और बटुक के वेश में एक लड़के के बाल खींचे।रंगभरी एकादशी के दिन हजारों श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे।
पत्रकारों को भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में उत्सव को कवर करने के लिए आमंत्रित किया गया था। बीते शुक्रवार को एक स्थानीय महिला पत्रकार अपने सहयोगी के साथ गेट नंबर 4 पर पहुंचीं। पत्रकार ने आरोप लगाया कि अपने संगठन का पहचान पत्र दिखाने के बावजूद उन्हें रोक दिया गया। मंदिर प्रशासन द्वारा बुलाए जाने की बात समझाने के बावजूद उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी ने उनकी सहयोगी को धक्का दिया। विरोध करने पर उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
एक अन्य वीडियो में, एक पुलिसकर्मी को बटुक वेशभूषा पहने एक लड़के को धाम में प्रवेश करते समय उसके बाल खींचते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह लड़का भी रंगभरी एकादशी उत्सव में भाग लेने जा रहा था। हालांकि, लड़के की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) गौरव बंसल ने बताया कि केवल संगठन के पहचान पत्र वाले पत्रकारों को ही अंदर जाने की अनुमति थी। सभी पुलिस अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिए गए थे कि वे किसी के साथ दुर्व्यवहार न करें। उन्होंने आगे कहा, “फिलहाल, अगर ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो उसकी जांच की जाएगी। इन दोनों घटनाओं की जांच जारी है।


