– सजातीय समाज में गहरी पकड़, अन्य वर्गों तक कम पहुंच को लेकर चर्चा
फर्रुखाबाद।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’ की राजनीति की सबसे बड़ी ताकत उनका ब्राह्मण समाज में मजबूत जनाधार माना जाता है। जिले में ब्राह्मण समाज के बीच उनकी सक्रियता, व्यक्तिगत संबंध और निरंतर उपस्थिति ने उन्हें इस वर्ग का प्रभावशाली प्रतिनिधि बना दिया है।
ब्राह्मण समाज में मजबूत पकड़
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अंटू ने अपने राजनीतिक जीवन में ब्राह्मण समाज को संगठित रखने और उनकी सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।
शादी-ब्याह, शोकसभा, धार्मिक अनुष्ठान—ऐसे हर आयोजन में उनकी उपस्थिति चर्चा का विषय रहती है। समर्थकों का कहना है कि वे “अपने समाज के नेता” हैं, जो किसी भी परिस्थिति में साथ खड़े रहते हैं।
उनके कार्यकाल के दौरान भी यह धारणा बनी रही कि उन्होंने अपने समाज के लोगों को राजनीतिक और संगठनात्मक अवसर देने में सक्रिय भूमिका निभाई। यही कारण है कि ब्राह्मण समाज में आज भी उनका प्रभाव कायम है।
सीमित सामाजिक दायरे पर चर्चा
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा होती रही है कि उनकी सक्रियता और संपर्क मुख्यतः ब्राह्मण समाज तक अधिक सीमित दिखाई देते हैं। अन्य जातियों और समुदायों के बीच उनकी उपस्थिति अपेक्षाकृत कम मानी जाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान समय में राजनीति समावेशी स्वरूप की मांग करती है, जहाँ सभी वर्गों के बीच संतुलित संवाद आवश्यक होता है।
राजनीति में मजबूत सामाजिक आधार महत्वपूर्ण होता है, लेकिन व्यापक जनाधार ही स्थायी सफलता की कुंजी माना जाता है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अनंत कुमार मिश्रा अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार किस प्रकार करते हैं।
अनंत कुमार मिश्रा ‘अंटू’: ब्राह्मण राजनीति के मजबूत चेहरा


