फर्रुखाबाद: अवैध कारोबारी से देशी शराब के 20 क्वार्टर मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने 17 फरवरी को कोतवाली कायमगंज के हल्का नंबर चार में तैनात दरोगा जगदीश वर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था।
बताया जाता है कि वायरल ऑडियो में दरोगा एक दागी कैंटीन संचालक पर दबाव बनाते हुए देशी शराब के 20 क्वार्टर मंगवाने की बात कर रहा है। बातचीत में दरोगा ने कथित रूप से कहा कि “मुझे एक व्यक्ति को बंद करना है, उसके लिए 20 क्वार्टर भिजवा दो, नहीं तो हम आ जाएंगे।” इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि “राजेश से शराब भिजवा देना, विश्वासघात मत करना, हम भी विश्वासघात नहीं करते।”
ऑडियो में दरोगा द्वारा यह भी कहते सुना गया कि “तुम खाई खोद रहे हो, टीन डाली है, उस जगह का मुकदमा चल रहा है,” जिस पर सामने वाले व्यक्ति ने किसी भी अवैध गतिविधि से इनकार किया। इसके बावजूद दरोगा ने शाम तक आने की बात कहते हुए शराब भिजवाने का दबाव बनाया। भयभीत व्यक्ति ने किसी ठेकेदार से बात कराने की बात कही तो दरोगा ने “किसी चेले से शराब भेज दो” कहते हुए आश्वस्त किया कि “डरने की जरूरत नहीं है।”
ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस की जमकर किरकिरी हुई और विभाग की साख पर सवाल खड़े हो गए। हालांकि तत्काल कार्रवाई करते हुए एसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था, लेकिन महज एक सप्ताह बाद ही उनकी थाना राजेपुर में पुनः तैनाती कर दी गई।
अब सवाल यह उठ रहा है कि गंभीर आरोपों और सार्वजनिक किरकिरी के बावजूद इतनी जल्द दोबारा तैनाती कैसे मिल गई। सोशल मीडिया पर लोग इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं और पारदर्शिता व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


