– मोहम्दाबाद से पांचाल घाट गंगा पुल तक अंधेरा और डिवाइडर की कमी बना खतरा
फर्रुखाबाद। नव निर्मित एनएच-730C राजमार्ग पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण प्रतिदिन हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं। मोहम्मदाबाद, नाला बघार पुल और पांचाल घाट गंगा पुल तक के हिस्से में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और कई स्थानों पर डिवाइडर अधूरे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी लापरवाही के चलते रोजाना दो से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, जबकि कई मामलों में जान भी जा चुकी है।
स्थानीय अधिवक्ता अशोक कटियार ने राजमार्ग प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा इंतज़ामों की कमी के बारे में कई बार शिकायत की गई, लेकिन केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि रात के समय रोड लाइट न जलने से पूरा मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई स्थानों पर न तो पर्याप्त डिवाइडर हैं और न ही चेतावनी संकेतक। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अंधेरे के कारण आम राहगीरों के लिए यह मार्ग जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी सुरक्षा ऑडिट नहीं कराया गया।
अधिवक्ता अशोक कटियार ने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण निर्दोष लोगों की मौत हो रही है, तो इसकी जिम्मेदारी राजमार्ग प्राधिकरण पर तय की जानी चाहिए और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
प्रशासन मौन, जनता में आक्रोश
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने, डिवाइडर लगाने और सुरक्षा संकेतकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
नव निर्मित एनएच-730C पर सुरक्षा मानक अधूरे, रोज़ हादसे


