एलएलबी छात्र दूल्हे की अनोखी ख्वाहिश हुई पूरी
औरैया: बदलते दौर के साथ शादियों में नई-नई परंपराएं और आकर्षण देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही अनोखा नजारा उस समय देखने को मिला जब महोबा जनपद की बेटी आकांक्षा राजपूत की विदाई हेलीकॉप्टर से हुई। दूल्हा निर्वेश राजपूत, जो एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है, ने अपनी इस खास इच्छा को परिवार के सामने रखा था। ताऊ ने उसकी ख्वाहिश को सम्मान देते हुए इसे साकार कर दिखाया। परिणामस्वरूप दुल्हन की विदाई सड़क मार्ग से नहीं बल्कि आसमान के रास्ते हुई।
जानकारी के अनुसार महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र अंतर्गत भटेवरा कला गांव में मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। विवाह समारोह में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए। सभी रस्में विधिवत पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया तो गांव के लोगों को पहले से ही हेलीकॉप्टर के आगमन की सूचना मिल चुकी थी, जिससे उत्सुकता चरम पर थी।
बुधवार दोपहर लगभग 2 बजकर 53 मिनट पर औरैया जनपद के अजीतमल क्षेत्र स्थित आदमपुर गांव के सिंहवाहिनी महाविद्यालय परिसर में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर उतरा। जैसे ही हेलीकॉप्टर की आवाज गांव में गूंजी, आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते पूरा परिसर लोगों से भर गया। हर कोई इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने को आतुर नजर आया।
दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक परिधान में हेलीकॉप्टर से उतरे तो लोगों ने तालियों और खुशियों के साथ उनका स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर तैनात रही, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। करीब एक घंटे तक हेलीकॉप्टर परिसर में रुका और 3 बजकर 53 मिनट पर पुनः उड़ान भरकर वापस चला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार अपने गांव में हेलीकॉप्टर को उतरते देखा है। यह शादी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी। वहीं दूल्हे निर्वेश राजपूत ने बताया कि वह अपनी शादी को यादगार बनाना चाहते थे और परिवार के सहयोग से उनका सपना पूरा हो सका।
इस अनोखी विदाई ने न सिर्फ दोनों परिवारों बल्कि पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। गांव में यह विवाह समारोह चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग इसे आधुनिकता और परंपरा के अनूठे संगम के रूप में देख रहे हैं।


