फर्रूखाबाद: कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ० आशुतोष कुमार द्विवेदी ने थाना मेरापुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, आगंतुक रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, शस्त्रागार, मालखाना तथा बंदी गृह का गहन निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की फाइलों की समीक्षा की और लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रगति से अवगत कराया जाए।
लंबित विवेचनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने गंभीर और संवेदनशील मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण के लिए नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और बीट पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, जिससे क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बना रहे।
महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण करते हुए उन्होंने महिला संबंधी मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या छेड़छाड़ जैसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए और पीड़िता को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की देरी न हो। महिला हेल्प डेस्क पर नियुक्त कर्मियों को सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने और गोपनीयता बनाए रखने की भी हिदायत दी गई।
निरीक्षण के दौरान सीसीटीएनएस प्रणाली की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई तथा अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर जोर दिया गया। शस्त्रागार और मालखाने के रख-रखाव की स्थिति का भी अवलोकन किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बंदी गृह में सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की भी जांच की गई।
जिलाधिकारी ने थाना परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अभिलेखों को सुव्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखने तथा आमजन के साथ शिष्ट, संवेदनशील और उत्तरदायी व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को त्वरित न्याय और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


