शमशाबाद, फर्रुखाबाद: मुख्य विकास अधिकारी (CDO) फर्रुखाबाद (Farrukhabad) ने गुरुवार को खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय शमशाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अभिलेख अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। साथ ही सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेखों की जांच की गई, जिसमें कई रिकॉर्ड अधूरे मिले। इस पर सीडीओ ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के उपरांत सभागार में खंड विकास अधिकारी राधेश्याम एवं ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राम किशोर राजपूत की उपस्थिति में पंचायत अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास कार्यों में तेजी लाने, अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूरा करने तथा विशेष रूप से एसआईआर कार्य को सक्रियता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
इसी दौरान विकास खंड शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम रसीदपुर तराई निवासी महिला लाभार्थी रचना देवी पत्नी प्रमोद सिंह ने सीडीओ के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की। महिला ने आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र होने के बावजूद उसे अपात्र दर्शा दिया गया। उन्होंने कहा कि पंचायत अधिकारी द्वारा फर्जीवाड़ा कर अधिकारियों को गुमराह किया गया और उनके नाम पर पक्का मकान दर्शा दिया गया, जबकि उनके पास कोई पक्का आवास नहीं है।
महिला के अनुसार, जिस मकान की फोटो लगाई गई है, वह दुकाननुमा भवन है और ऐसा आवास गांव में मौजूद नहीं है। रचना देवी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें आवास उपलब्ध कराने की मांग की। महिला की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने प्रकरण की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक संपन्न होने के बाद सीडीओ ग्राम पसियापुर के लिए रवाना हो गए। निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बाद विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।


