लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश करते हुए सुरेश खन्ना ने राज्य की आर्थिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यूपी में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हुआ है और बड़ी संख्या में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियां निवेश के लिए आगे आ रही हैं। सरकार का दावा है कि निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिल रही है।
कृषि उत्पादन में यूपी नंबर वन
बजट भाषण में यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है। गेहूं, धान, गन्ना सहित कई फसलों के उत्पादन में प्रदेश शीर्ष स्थान पर है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिली है।
ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने बताया कि प्रदेश में 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इसके अलावा नई परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा और बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।
रोजगार और विकास पर फोकस
सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं।
वहीं विपक्ष ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए हैं। आने वाले दिनों में बजट पर विस्तृत चर्चा के दौरान इन मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।






