हरदोई| उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने हरदोई के प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) विनय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कार्यों में शिथिलता, अनुशासनहीनता और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर की गई है। निलंबन का आदेश पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह द्वारा जारी किया गया।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जनपद हरदोई में डिजिटल लाइब्रेरी (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) की स्थापना का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं किया गया। इसके साथ ही कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहीं और धरातल पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी।
आर.जी.एस.ए. (RGSA), स्वच्छ भारत मिशन (SBM) और अंत्येष्टि स्थल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी कार्य की गति बेहद धीमी पाई गई। विभागीय समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई, जिससे सरकारी उद्देश्यों को नुकसान पहुंचा।
इसके अलावा, विनय कुमार सिंह पर विभागीय समितियों के कार्यों में रुचि न लेने और अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता बरतने के आरोप भी सिद्ध हुए हैं। इसे प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन माना गया है।
उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) गिरीश चन्द्र रजक को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें एक माह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान विनय कुमार सिंह पंचायतीराज निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करेंगे।


